[MISSION 2023] सिक्योर : दैनिक सिविल सेवा मुख्य परीक्षा उत्तर लेखन अभ्यास: 22 जून 2022 – PuuchoIAS


 

How to Follow Secure Initiative?

How to Self-evaluate your answer? 

MISSION – 2022: YEARLONG TIMETABLE

 


सामान्य अध्ययन– I


 

विषय: भारतीय संस्कृति, जिसमें प्राचीन काल से आधुनिक काल तक के कला के रूप, साहित्य और वास्तुकला के मुख्य पहलू शामिल होंगे।

  1. मुगल साम्राज्य की मनसबदारी व्यवस्था की व्याख्या कीजिए। इसके गुण-दोषों का मूल्यांकन कीजिए। वर्तमान प्रशासनिक प्रथाओं के लिए मनसबदारी से प्राप्त प्रमुख सीख क्या हैं? (250 शब्द) 

प्रश्न का स्तर: सरल

सन्दर्भ: Insights on India 

निर्देशक शब्द: 

व्याख्या कीजिए- प्रश्न में पूछी गई जानकारी को सरल भाषा में व्यक्त कीजिए। 

मूल्यांकन कीजिए- ऐसे प्रश्नों में अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है की वह कथन अथवा विषय के महत्व को रेखांकित करते हुए उसकी समग्र उपयोगिता बताये। 

उत्तर की संरचना: 

परिचय:

मुगल प्रशासन की एक महत्वपूर्ण आधारशिला के रूप में मनसबदारी व्यवस्था का संदर्भ प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारंभ कीजिए।

विषय वस्तु:

मनसबदारी प्रणाली की विभिन्न विशेषताओं का वर्णन कीजिए।

मनसबदारी व्यवस्था से सम्बंधित विभिन्न गुण-दोषों का विस्तार से उल्लेख कीजिए।

मनसबदारी प्रणाली से लेकर वर्तमान प्रशासनिक प्रथाओं तक की प्रमुख सीखों का उल्लेख कीजिए, जिन्हें प्रशासन को बेहतर बनाने के लिए लागू किया जा सकता है। 

निष्कर्ष:

उपर्युक्त का संक्षेपण करते हुए निष्कर्ष निकालिए।

  

विषय: भारतीय समाज पर वैश्वीकरण का प्रभाव। 

  1. भारत आधुनिकता के आवश्यक एवं अच्छे पहलुओं की ओर कैसे बढ़ सकता है तथा फिर भी पश्चिमीकरण की क्षति से कैसे बच सकता है? इस संबंध में भारत द्वारा विश्व गुरु बनने की भूमिका की विवेचना कीजिए। (250 शब्द) 

प्रश्न का स्तर: कठिन

सन्दर्भ: Indian Express , Outlook India

 निर्देशक शब्द: 

विवेचना कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय प्रश्न के सभी पक्षों की तार्किक व्याख्या कीजिए।

 उत्तर की संरचना:

परिचय:

आवश्यक आधुनिकता को अपनाने एवं अनावश्यक पश्चिमीकरण को अस्वीकार करने की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए उत्तर की शुरुआत कीजिए। 

विषय वस्तु:

आधुनिकता एवं इसकी विशेषताओं पर प्रकाश डालिए। भारत इसके आवश्यक एवं अच्छे पहलुओं को कैसे अपना सकता है? समझाइए।

पश्चिमीकरण एवं इसके प्रभावों से सम्बंधित क्षतियों पर प्रकाश डालिए तथा इससे बचने के उपायों का उल्लेख कीजिए।

विश्व गुरु के रूप में भारत के बारे में लिखिए।

विश्व गुरु होने के नाते भारत को आधुनिकता के आवश्यक तत्वों को स्वीकार करने में कैसे सहायता मिल सकती है? स्पष्ट कीजिए। 

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन– II


 

विषय: कार्यपालिका और न्यायपालिका की संरचना, संगठन और कार्य- सरकार के मंत्रालय एवं विभाग। 

  1. नागरिकों के अधिकारों एवं देश के सामाजिक-आर्थिक विकास की रक्षा के लिए एक शक्तिशाली, स्वतंत्र न्यायपालिका सबसे महत्वपूर्ण है। इसलिए, उच्च न्यायपालिका को कुशल एवं प्रभावी बनाने के लिए सुधारों की आवश्यकता है। विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द) 

प्रश्न का स्तर: मध्यम

सन्दर्भ: The Hindu , Insights on India

 निर्देशक शब्द: 

विश्लेषण कीजिएऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के बहुआयामी सन्दर्भों जैसे क्या, क्यों, कैसे आदि पर ध्यान देते हुए उत्तर लेखन कीजिए। 

उत्तर की संरचना: 

परिचय:

न्यायिक सुधारों का संदर्भ प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारंभ कीजिए। 

विषय वस्तु:

भारत में न्यायिक सुधारों की आवश्यकता का वर्णन कीजिए।

भारतीय न्यायपालिका में शामिल विभिन्न मुद्दों का विस्तार से वर्णन कीजिए।

सम्बंधित तथ्यों एवं उदाहरणों के साथ उपर्युक्त की पुष्टि कीजिए।

भारतीय न्यायपालिका कुशल, प्रभावी एवं जवाबदेह है, यह सुनिश्चित करने के लिए इसके स्थान पर किन सुधारों की आवश्यकता है? लिखिए।

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए। 

 

विषय: विभिन्न संवैधानिक पदों पर नियुक्ति और विभिन्न संवैधानिक निकायों की शक्तियाँ, कार्य और उत्तरदायित्व।

  1. एक नवीकृत अंतर्राज्यीय परिषद शासन प्रथाओं के बेहतर कार्यान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है, सेवाओं की योजना एवं वितरण में राज्यों को अधिक निकटता से शामिल कर सकती है तथा एक अधिक विवेकपूर्ण वित्तीय अनुशासन का नेतृत्व कर सकती है। चर्चा कीजिए। (250 शब्द) 

प्रश्न का स्तर: मध्यम 

सन्दर्भ: New Indian Express , Insights on India

निर्देशक शब्द: 

चर्चा कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें। 

उत्तर की संरचना: 

परिचय:

अंतर्राज्यीय परिषद् (अनुच्छेद 263), इसके लक्ष्य एवं उद्देश्यों का वर्णन करते हुए उत्तर प्रारंभ कीजिए। 

विषय वस्तु:

केंद्र-राज्य संबंधों तथा अंतर्राज्यीय परिषद से सम्बंधित मुद्दों के संबंध में अंतर्राज्यीय परिषद के विकास का संक्षिप्त संदर्भ प्रस्तुत कीजिए।

अंतर्राज्यीय परिषद शासन में सुधार, केंद्र एवं राज्य के मध्य विश्वास में कमी को पाटने तथा बेहतर वित्तीय प्रबंधन में कैसे भूमिका निभा सकती है? उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए।

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन– III


 

विषय: सरकारी बजटन।

  1. जुड़वां घाटा (Twin Deficit) क्या है? वस्तुओं की बढ़ती कीमतों एवं सहायिकी के बोझ के मध्य भारत जुड़वां घाटे की समस्या से कैसे बच सकता है? परीक्षण कीजिए। (250 शब्द) 

प्रश्न का स्तर: कठिन 

सन्दर्भ: Indian Express , business-standard 

निर्देशक शब्द: 

परीक्षण कीजिए- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों का परीक्षण करते हुए सारगर्भित उत्तर लिखना चाहिए। 

उत्तर की संरचना: 

परिचय:

जुड़वां घाटे को परिभाषित करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए। 

विषय वस्तु:

इससे सम्बंधित चिंताओं पर प्रकाश डालिए।

यह समष्टि-अर्थव्यवस्था के विभिन्न मापदंडों को कैसे प्रभावित करता है? स्पष्ट कीजिए।

इससे बचने के उपायों पर प्रकाश डालिए। 

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।                             

 

विषय: संरक्षण, पर्यावरण प्रदूषण और क्षरण, पर्यावरण प्रभाव का आकलन।

  1. आर्द्रभूमि जैव विविधता कार्यों, विशेष रूप से आसपास के क्षेत्रों को बाढ़ से प्राकृतिक रूप से बचाने, की एक विस्तृत श्रृंखला प्रदान करती है। स्पष्ट कीजिए। (250 शब्द) 

प्रश्न का स्तर: सरल

सन्दर्भ: Down to Earth  , Insights on India 

निर्देशक शब्द: 

स्पष्ट कीजिए- ऐसे प्रश्नों में अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है कि वह पूछे गए प्रश्न से संबंधित जानकारियों को सरल भाषा में व्यक्त कर दे।

उत्तर की संरचना: 

परिचय:

आर्द्रभूमि को परिभाषित कीजिए एवं इसके प्रकारों पर प्रकाश डालते हुए उत्तर प्रारंभ कीजिए। 

विषय वस्तु:

आर्द्रभूमि द्वारा किए जाने वाले विभिन्न कार्यों का वर्णन कीजिए। 

निष्कर्ष:

इनके महत्व को संक्षेप में बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन– IV


 

विषय: मानवीय मूल्य- महान नेताओं, सुधारकों एवं प्रशासकों के जीवन तथा उनके उपदेशों से प्राप्त शिक्षा। 

  1. निम्नलिखित उद्धरण से आपका क्या तात्पर्य है? (150 शब्द) 

“अधिकांश लोग बड़ी खुशी की आशा में छोटी खुशियों को खो देते हैं।” पर्ल एस. बक 

प्रश्न का स्तर: मध्यम

उत्तर की संरचना: 

परिचय:

उद्धरण के शाब्दिक अर्थ की व्याख्या करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए। 

विषय वस्तु:

खुश रहने की विभिन्न व्याख्याओं की आवश्यकता का उल्लेख कीजिए।

दूसरों की तुलना में अधिक खुश रहने के लिए हम दुखी क्यों हो जाते हैं? सोदाहरण समझाइए।

धन, शक्ति, स्थिति, सोशल मीडिया प्रसिद्धि आदि जैसे उदाहरण प्रस्तुत कीजिए।

निष्कर्ष:

वर्तमान समय में उद्धरण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए निष्कर्ष निकालिए।

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