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MISSION – 2022: YEARLONG TIMETABLE
सामान्य अध्ययन– I
विषय: भारतीय संस्कृति, जिसमें प्राचीन काल से आधुनिक काल तक के कला के रूप, साहित्य एवं वास्तुकला के मुख्य पहलू शामिल होंगे।
1. मानव रोगों के उपचार के लिए प्राकृतिक उत्पादों का उपयोग विश्व भर के समाजों में सदियों से प्रचलित है। भारत में आयुष (AYUSH) प्रणाली के विकास के आलोक में टिप्पणी कीजिए। (250 शब्द)
प्रश्न का स्तर: मध्यम
सन्दर्भ: New Indian Express
निर्देशक शब्द:
टिप्पणी कीजिए– ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय पर अपने ज्ञान और समझ को बताते हुए एक समग्र राय विकसित करनी चाहिए।
उत्तर की संरचना:
परिचय:
भारत में आयुष (AYUSH) औषधियों की सीमा के बारे में संक्षेप में उल्लेख करते हुए उत्तर प्रारंभ कीजिए।
विषय वस्तु:
प्राचीन एवं मध्ययुगीन पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली की उत्पत्ति का उल्लेख कीजिए।
इन प्रणालियों की समकालीन प्रासंगिकता एवं उन्हें बढ़ावा देने की आवश्यकता के बारे में लिखिए। इस संबंध में उठाए गए कदमों का उल्लेख कीजिए।
निष्कर्ष:
आयुष (AYUSH) के समग्र आर्थिक महत्व को सारांशित करते हुए निष्कर्ष निकालिए।
विषय: महिलाओं एवं महिला संगठन की भूमिका।
2. जातिगत तथा लैंगिक बाधाओं के विरुद्ध दलित महिला नेताओं का संघर्ष आधुनिक नारीवादी आंदोलन के लिए एक प्रेरणा स्रोत है। चर्चा कीजिए। (250 शब्द)
प्रश्न का स्तर: मध्यम
सन्दर्भ: Indian Express
निर्देशक शब्द:
चर्चा कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।
उत्तर की संरचना:
परिचय:
दलित महिलाओं के संघर्ष एवं उत्पीड़न के संदर्भ में परिचयात्मक पंक्तियाँ प्रस्तुत करते हुए उत्तर की शुरुआत कीजिए।
विषय वस्तु:
विभिन्न दलित महिला नेताओं के योगदान एवं जातिगत एवं लैंगिक बाधाओं के विरुद्ध उनके संघर्ष के बारे में लिखिए।
उनके योगदान पर प्रकाश डालिए।
निष्कर्ष:
उपर्युक्त व्यक्तित्वों के जीवन से प्राप्त प्रमुख शिक्षाओं को सारांशित करते हुए निष्कर्ष निकालिए।
सामान्य अध्ययन– II
विषय: भारतीय संविधान- ऐतिहासिक आधार, विकास, विशेषताएँ, संशोधन, महत्त्वपूर्ण प्रावधान और बुनियादी संरचना।
3. दोषियों एवं अन्य की माप के माध्यम से एकत्रित किए जाने वाला प्रस्तावित डेटा, आपराधिक प्रक्रिया (पहचान) अधिनियम, 2022 के घोषित उद्देश्यों से असंगत प्रतीत नहीं होता है। समाज के हितों की पृष्ठभूमि में व्यक्ति के अधिकारों पर विचार करना होगा। समालोचनात्मक विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द)
प्रश्न का स्तर: मध्यम
सन्दर्भ: The Hindu
निर्देशक शब्द:
समालोचनात्मक विश्लेषण कीजिए- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों में ही तथ्यों को बताते हुए अंत में एक सारगर्भित निष्कर्ष निकालना चाहिए।
उत्तर की संरचना:
परिचय:
आपराधिक प्रक्रिया (पहचान) विधेयक, 2022 के लक्ष्य एवं उद्देश्यों का उल्लेख करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।
विषय वस्तु:
कैदियोँ की पहचान अधिनियम, 1920 को निरस्त करने वाले इस विधेयक की महत्वपूर्ण विशेषताओं के बारे में लिखिए।
यह विधेयक अपराध की जाँच को और अधिक कुशल एवं त्वरित बनाने में कैसे सहायता करेगा? स्पष्ट कीजिए।
विधेयक से संबंधित विभिन्न चिंताओं का उल्लेख कीजिए।
निष्कर्ष:
एक संतुलित राय प्रस्तुत करते हुए निष्कर्ष निकालिए।
विषय: द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक समूह और भारत से संबंधित और/अथवा भारत के हितों को प्रभावित करने वाले करार।
4. वैश्विक बहुपक्षीय संस्थान स्वाभाविक रूप से राजनीतिकरण करते हैं एवं अक्सर अपने समूह के भीतर वास्तविक बहुराष्ट्रीय मुद्दों एवं बदलती शक्ति की गतिशीलता का प्रतिनिधित्व करने में विफल रहे हैं। समालोचनात्मक टिप्पणी कीजिए। (250 शब्द)
प्रश्न का स्तर: कठिन
सन्दर्भ: Insights on India
निर्देशक शब्द:
समालोचनात्मक टिप्पणी कीजिए-
ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों में ही तथ्यों को बताते हुए अंत में एक सारगर्भित निष्कर्ष निकालना चाहिए।
उत्तर की संरचना:
परिचय:
हाल के दिनों में यूएनएससी, आईएमएफ एवं विश्व बैंक जैसे बहुपक्षीय संस्थानों की कार्यप्रणाली की निष्क्रिय एवं अप्रभावी प्रकृति का उल्लेख करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।
विषय वस्तु:
बहुपक्षीय संगठनों के भीतर बदलती शक्ति की गतिशीलता, चीन के प्रभुत्व एवं क्षेत्र के नीतिगत ढांचे में विकसित देशों की न्यूनतम भूमिका का उल्लेख कीजिए।
इस मुद्दे से सम्बंधित बढ़ती बहसों एवं विचारोत्तेजक सुधारों तथा अलग-थलग पड़े देशों की एक बड़ी आवाज की आवश्यकता का उल्लेख कीजिए।
दूसरी ओर, वर्तमान समय में प्रासंगिक कार्यप्रणाली को सक्षम बनाने के लिए इन मंचों द्वारा अपनाई गई कुछ पहलों पर चर्चा कीजिए।
निष्कर्ष:
निष्कर्ष निकालिए कि वैश्विक स्तर पर सामान्य मुद्दों को संबोधित करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय मंचों की प्रभावी कार्यप्रणाली को सुनिश्चित करने के लिए नई चुनौतियों के लिए एक नए दृष्टिकोण की आवश्यकता है।
सामान्य अध्ययन– III
विषय: सूचना प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष, कंप्यूटर, रोबोटिक्स, नैनो-टैक्नोलॉजी, बायो-टैक्नोलॉजी और बौद्धिक संपदा अधिकारों से संबंधित विषयों के संबंध में जागरुकता।
5. जेम्स वेब टेलीस्कोप एवं हबल टेलीस्कोप की तुलना कीजिए। जेम्स वेब टेलीस्कोप ने अंतरिक्ष के अन्वेषण एवं नवीन वैज्ञानिक ज्ञान के द्वार खोलने में कौन-कौन से अवसर उत्पन्न किए हैं? (250 शब्द)
प्रश्न का स्तर: कठिन
सन्दर्भ: The Hindu
निर्देशक शब्द:
तुलना कीजिए– दोनों प्रकारों का एक विस्तृत तुलनात्मक अध्ययन प्रस्तुत कीजिए, उनकी समान और असमान दोनों प्रकार की विशेषताओं को दर्शाइए। अभ्यर्थी को चाहिए कि वह दोनों का विस्तृत मूल्यांकन प्रस्तुत करे।
उत्तर की संरचना:
परिचय:
जेम्स वेब टेलीस्कोप के प्रक्षेपण का संदर्भ प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारंभ कीजिए।
विषय वस्तु:
जेम्स वेब टेलीस्कोप एवं हबल टेलीस्कोप का तुलनात्मक विश्लेषण कीजिए।
बिग बैंग की उत्पत्ति के सन्दर्भ में जानकारी एवं अन्य विगत जानकारी का उल्लेख कीजिए, जिनका अध्ययन जेम्स वेब का उपयोग करके किया जा सकता है।
निष्कर्ष:
जेम्स वेब टेलिस्कोप के महत्व के बारे में लिखते हुए निष्कर्ष निकालिए।
विषय: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारतीयों की उपलब्धियाँ; देशज रूप से प्रौद्योगिकी का विकास एवं नई प्रौद्योगिकी का विकास।
6. 5-जी प्रौद्योगिकी के लाभों, इसकी संभावनाओं एवं भारत में बड़े पैमाने पर इसके कार्यान्वयन में शामिल चुनौतियों पर चर्चा कीजिए। (250 शब्द)
प्रश्न का स्तर: सरल
सन्दर्भ: Insights on India
निर्देशक शब्द:
चर्चा कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।
उत्तर की संरचना:
परिचय:
5-जी नेटवर्क एवं इसके आवृति परिसर का विवरण प्रस्तुत करते हुए उत्तर की शुरुआत कीजिए।
विषय वस्तु:
5-जी प्रौद्योगिकी के विभिन्न संभावित लाभों का उल्लेख कीजिए।
5-जी को क्रियान्वित करने से सम्बंधित चुनौतियों पर चर्चा कीजिए।
निष्कर्ष:
निष्कर्ष निकालिए कि भारत के लिए 5-जी प्रौद्योगिकी की क्षमता का तेजी से दोहन करने के लिए अधिकाधिक चर्चा एवं त्वरित कार्रवाई करना समय की आवश्यकता है।
सामान्य अध्ययन– IV
विषय: नैतिक एवं राजनीतिक दृष्टिकोण।
7. सार्वजनिक नैतिकता क्या है? क्या समय के साथ सार्वजनिक नैतिकता व्यक्तिगत अधिकारों के विरुद्ध हो जाती है? समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए। (150 शब्द)
प्रश्न का स्तर: मध्यम
निर्देशक शब्द:
समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों में ही तथ्यों को बताते हुए अंत में एक सारगर्भित निष्कर्ष निकालना चाहिए।
उत्तर की संरचना:
परिचय:
सार्वजनिक नैतिकता की अवधारणा पर चर्चा करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।
विषय वस्तु:
इसके विभिन्न पहलुओं पर चर्चा कीजिए।
निष्कर्ष:
निष्कर्ष निकालिए कि समाज समय के साथ विकसित होता है और इस प्रकार सार्वजनिक नैतिकता भी अपना आकार लेती है, हालांकि कुछ ऐतिहासिक रूप से स्थायी मूल्यों को भी संरक्षित किया जाना चाहिए।
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